Monday, August 19, 2013
Tuesday, August 6, 2013
Monday, July 22, 2013
Thursday, February 7, 2013
Tanhai...
कभी कभी तन्हाई इतनी अच्छी लगने लगती है की मन करता है कि हर समय तन्हाई रहे . लेकिन साथ की एक और चीज़ की जब ये तन्हाई मिलती है तो अपने साथ कई रिश्ते कई लोग पीछे छोड़ देती है . इसलिए तन्हाई का सही मायने है अपने साथ कुछ वक़्त बिताना ... हमारा फोकस इस बात पर होना चाहिए कि हम अपने आपको कितना जान पाए हैं . और तभी हम अच्छे पलों को जी सकते हैं .
जीवन के अनुभवओं से ये बात तो साफ़ हुई है कि जीवन में बहुत कुछ है जानने के लिए , बस खोज कभी
ख़त्म नहीं होनी चाहिए . हर मोड़ पर लोगों की सोच अलग अलग मिली है अलग अलग तरह के लोग मिले हैं
पर क्या करें जब दूसरों की सोच हमारी सोच से अलग हो और ये सवाल मेरे दिमाग में हर समय घूमता है
और जब इसका जवाब ढूँढती हूँ तो लगता है की कुछ लोग तो फ्लेक्सिबल हैं अपने सोच को लेकर लेकिन उनका क्या जो अपनी सोच को सही मान बैठे हो। फिर क्या किया जाये ? या तो खुद शांत हो जाओ या फिर लड़ो . दोनों ही बातों में अपना नुक्सान क्यों की खुद चुप हो गये तो लगता है शायद कुछ गलत हो रहा है और लड़ते हैं तो मानसिक तॊर पर खुद को नुकसान हैं
मुझे लगता है दुनिया में इसे बहुत से लोग होगे जिनके मन में ये प्रशन घूम रहा होगा या फिर उन्होंने भी कभी ये सोचा होगा ?लेकिन जवाब कौन देगा ?
Tuesday, January 22, 2013
Cg Radio: एक संगीतमय कहानी 3 - खामोशी
Cg Radio: एक संगीतमय कहानी 3 - खामोशी: कहानी ' खामोशी ' स्वर दीप्ति सक्सेना
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