Thursday, July 26, 2012

Yaaden..

जब भी इनसान कुछ सोचता है और कुछ याद करता है तो उसकी आंख़े नम हो जाती है शायद इसलिए की वो उन यादो को कभी दुबारा नहीं जी पायेगा।...लेकिन ऐसा क्यू क्या हमें अपने उपर विश्वास नहीं है या फिर हम वो विश्वास करना ही नहीं चाहते की हम दुबारा उन लम्हों को जी पाएंगे।...
हाँ ये  जरूर है जीवन में इंसान बदलते रहते हैं लेकिन हर नए पल के साथ एक नयी आशा नया साथ भी जरूर मिल जाता है ...तो क्या हम नए दिन में नए लोगों को अपने जीवन में जगह नहीं दे सकते।..
ख़ुशी की कोई वजह तलाशने की जरूरत नहीं होती...बस एक याद ही काफी है कुछ अच्छे पलों की ...
और ये यादें कभी हमसे दूर नहीं हो सकती ....केवल अच्छी यादों को हमेशा अपने साथ रखे और बुरी यादों को डिलीट कर दे ..
फिर कहें यादों के सफ़र में हमसफ़र साथ हो तुम्हारा।..
जीवन में हँसाने का हमने दूढ़ लिया बहाना ............

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